देवी-देवता

माँ काली – रौद्र शक्ति

आदि शक्ति का विकराल रूप। दुष्टों का संहार करने वाली। बंगाल में विशेष पूज्य।

काली का परिचय

आदि शक्ति का रौद्र रूप। काला वर्ण, विकराल। गले में मुंडमाला, कमर में कटे हाथ। रक्त पीती, शत्रुओं का संहार करती।

काली की कथा

रक्तबीज दैत्य का प्रत्येक रक्त बिंदू नया दैत्य बनता था। दुर्गा से काली प्रकट हुईं, जीभ से रक्त पीकर रक्तबीज का वध किया। क्रोध में शिव पर पैर रखा – जीभ बाहर निकली।

काली के रूप

पूजा विशेष

प्रसिद्ध मंदिर

मंत्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आपके प्रश्न

॥ ॐ ॥
काली के पैर शिव पर क्यों?
रक्तबीज वध के बाद काली का क्रोध शांत नहीं हो रहा था। शिव ने उनके पैरों के नीचे लेटकर उन्हें रोका – काली को तब एहसास हुआ, जीभ बाहर निकली।
काली डरावनी क्यों दिखती हैं?
यह शक्ति का चरम रूप है – दुष्टों के लिए विकराल। भक्तों के लिए वात्सल्यमयी माँ। बंगाल में 'माँ' के रूप में सबसे लोकप्रिय।