आदि शक्ति का विकराल रूप। दुष्टों का संहार करने वाली। बंगाल में विशेष पूज्य।
आदि शक्ति का रौद्र रूप। काला वर्ण, विकराल। गले में मुंडमाला, कमर में कटे हाथ। रक्त पीती, शत्रुओं का संहार करती।
रक्तबीज दैत्य का प्रत्येक रक्त बिंदू नया दैत्य बनता था। दुर्गा से काली प्रकट हुईं, जीभ से रक्त पीकर रक्तबीज का वध किया। क्रोध में शिव पर पैर रखा – जीभ बाहर निकली।