देवी-देवता

10 महाविद्या – देवी के तांत्रिक रूप

देवी के 10 रूप – तांत्रिक साधना में विशेष पूज्य। काली, तारा से कमला तक।

10 महाविद्या

  1. काली – रौद्र रूप, रक्षक
  2. तारा – तारने वाली
  3. त्रिपुर सुंदरी (षोडशी) – सौंदर्य
  4. भुवनेश्वरी – 14 लोकों की स्वामिनी
  5. छिन्नमस्ता – आत्म बलिदान का प्रतीक
  6. त्रिपुर भैरवी – विनाशिनी
  7. धूमावती – विधवा रूप, दारिद्र्य
  8. बगलामुखी – शत्रु स्तंभन
  9. मातंगी – वाणी, कला
  10. कमला – लक्ष्मी रूप

महाविद्या की उत्पत्ति

एक बार शिव ने सती (पार्वती के पूर्व रूप) को रोका। सती ने अपने 10 रूप दिखाए – यही 10 महाविद्या। शिव ने उनकी शक्ति मान ली।

तांत्रिक साधना

10 महाविद्या विशेष रूप से तांत्रिक साधकों द्वारा पूजी जाती हैं। प्रत्येक का अलग मंत्र, यंत्र और सिद्धि। सामान्य भक्त के लिए केवल काली और कमला (लक्ष्मी) की पूजा सरल।

विशेष

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आपके प्रश्न

॥ ॐ ॥
महाविद्या की पूजा कौन कर सकता है?
तांत्रिक साधना के लिए गुरु की आवश्यकता है। सामान्य भक्त केवल काली और कमला की पूजा बिना दीक्षा कर सकते हैं। अन्य के लिए योग्य गुरु से दीक्षा लें।
छिन्नमस्ता का अर्थ?
जिन्होंने अपना सिर स्वयं काटा हो। तीन धाराएं रक्त निकलता है – आत्म बलिदान, शिष्याओं के पोषण का प्रतीक।