विष्णु जी की महिमा।
विष्णु जी की कई आरतियाँ हैं। 'ॐ जय जगदीश हरे' सबसे प्रसिद्ध। साथ ही गुरुवार पूजा में विष्णु आरती।
यह आरती भगवान विष्णु को समर्पित है। आरती का अर्थ – दीप के माध्यम से देवता का स्वागत और स्तुति।
विष्णु आरती का संगीत भक्तिमय और गति में है। पूरे परिवार और समाज द्वारा एक साथ गाने की परंपरा है। मंदिरों में सुबह-शाम।
विष्णु आरती के पूर्ण शब्दों के लिए किसी भी मंदिर के प्रसाद ग्रंथ या प्रामाणिक धार्मिक पुस्तकों का संदर्भ लें। मंदिर में सीखने का अवसर भी मिलता है।