Aarti Collection

आरती संग्रह

20 प्रसिद्ध आरतियों का अर्थ, समय और महत्व।

आरती सनातन परंपरा का अभिन्न अंग है। दीप के माध्यम से देवता का स्वागत और स्तुति। 5 बत्ती दीपक 5 तत्वों का प्रतीक। यहाँ हम 20 प्रसिद्ध आरतियों का परिचय दे रहे हैं – उनका अर्थ, गाने का सही समय, फायदे और विधि। पूर्ण पाठ के लिए मंदिर या प्रामाणिक धार्मिक पुस्तकों का संदर्भ लें।

सभी आरती संग्रह लेख

ॐ जय जगदीश हरे आरती

हर हिन्दू घर में गाई जाने वाली विष्णु जी की आरती।

सुखकर्ता दुखहर्ता आरती

सुखकर्ता दुखहर्ता – संत समर्थ रामदास द्वारा रचित।

हनुमान आरती

आरती कीजै हनुमान लला की – मंगलवार-शनिवार विशेष।

शिव आरती (ॐ जय शिव ओंकारा)

शिव की महिमा का वर्णन करने वाली प्रसिद्ध आरती।

दुर्गा माँ की आरती

माँ दुर्गा की प्रसिद्ध आरती।

लक्ष्मी जी की आरती

लक्ष्मी जी की प्रसिद्ध आरती।

सरस्वती आरती

सरस्वती माता की पवित्र आरती।

कृष्ण आरती

कृष्ण जी की मधुर आरती।

राम आरती

तुलसीदास द्वारा रचित राम स्तुति।

संतोषी माता आरती

संतोषी माँ की प्रसिद्ध आरती।

शनि देव आरती

शनिदेव की आरती।

काली माता आरती

काली माँ की शक्तिशाली आरती।

विष्णु आरती

विष्णु जी की महिमा।

गंगा आरती

गंगा माँ की पावन आरती।

सूर्य आरती

सूर्य देव की आरती।

साईं बाबा आरती

साईं बाबा की 5 आरती।

आरती का महत्व और विधि

आरती सनातन परंपरा का अभिन्न अंग।

आरती कैसे करें

आरती की सही विधि और 5 बत्ती का अर्थ।

गणेश आरती (जय गणेश देवा)

जय गणेश देवा – सबसे प्रसिद्ध गणेश आरती।

कुबेर देव आरती

कुबेर जी की आरती।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरती संग्रह – जिज्ञासाओं के उत्तर

॥ ॐ ॥
आरती के 5 बत्ती क्यों?
5 बत्तियाँ पंच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) का प्रतीक हैं।
आरती कितनी बार घुमाएं?
घड़ी की दिशा में 4 बार – चरण, नाभि, मुख, सर्व अंग। फिर भक्तों के हाथों पर।