Rudraksha

रुद्राक्ष – शिव का अश्रु

शिव के अश्रुओं से उत्पन्न दिव्य बीज – 1 से 21 मुखी तक के विशेष फायदे।

रुद्राक्ष भगवान शिव के अश्रुओं से उत्पन्न दिव्य बीज है। शिव पुराण के अनुसार जब शिव ने त्रिपुर असुरों के नाश के लिए तप किया, तो उनकी आँखों से जो आँसू गिरे, वही रुद्राक्ष वृक्ष बने। हर मुखी (face) के रुद्राक्ष का अलग देवता और विशेष फल है।

सभी रुद्राक्ष लेख

एक (1) मुखी रुद्राक्ष

1 मुखी रुद्राक्ष – शिव का प्रतीक। मोक्ष, सर्वश्रेष्ठ – अति दुर्लभ।

दो (2) मुखी रुद्राक्ष

2 मुखी रुद्राक्ष – अर्धनारीश्वर का प्रतीक। दांपत्य सुख, परिवार में प्रेम।

तीन (3) मुखी रुद्राक्ष

3 मुखी रुद्राक्ष – अग्नि देव का प्रतीक। रोग नाश, अग्नि तत्व।

चार (4) मुखी रुद्राक्ष

4 मुखी रुद्राक्ष – ब्रह्मा का प्रतीक। बुद्धि, विद्या, ज्ञान।

पाँच (5) मुखी रुद्राक्ष

5 मुखी रुद्राक्ष – रुद्र (शिव) का प्रतीक। सर्व कल्याण, सबसे लोकप्रिय।

छह (6) मुखी रुद्राक्ष

6 मुखी रुद्राक्ष – कार्तिकेय का प्रतीक। व्यापार लाभ, सौंदर्य।

सात (7) मुखी रुद्राक्ष

7 मुखी रुद्राक्ष – लक्ष्मी, सप्तऋषि का प्रतीक। धन वृद्धि, ऐश्वर्य।

आठ (8) मुखी रुद्राक्ष

8 मुखी रुद्राक्ष – गणेश का प्रतीक। विघ्न नाश, सफलता।

नौ (9) मुखी रुद्राक्ष

9 मुखी रुद्राक्ष – दुर्गा का प्रतीक। शक्ति, साहस, शत्रु नाश।

दस (10) मुखी रुद्राक्ष

10 मुखी रुद्राक्ष – विष्णु का प्रतीक। सर्व रक्षा, अनेक देवों की कृपा।

ग्यारह (11) मुखी रुद्राक्ष

11 मुखी रुद्राक्ष – 11 रुद्र, हनुमान का प्रतीक। साहस, बल।

बारह (12) मुखी रुद्राक्ष

12 मुखी रुद्राक्ष – सूर्य का प्रतीक। तेज, यश, उच्च पद।

चौदह (14) मुखी रुद्राक्ष

14 मुखी रुद्राक्ष – हनुमान विशेष का प्रतीक। साहस, सिद्धि, अति दुर्लभ।

रुद्राक्ष धारण के नियम

रुद्राक्ष धारण से पहले इन नियमों को पढ़ें।

असली रुद्राक्ष की पहचान

5 परीक्षण से पहचानें असली रुद्राक्ष।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रुद्राक्ष – जिज्ञासाओं के उत्तर

॥ ॐ ॥
कौन सा रुद्राक्ष पहनें?
5 मुखी सबके लिए सर्वश्रेष्ठ। विशेष कामना के लिए ज्योतिषी की सलाह से।
रुद्राक्ष पहनने के बाद क्या न करें?
मांस-मदिरा, झूठ, हिंसा से बचें। शौच में उतार दें।