12 ज्योतिर्लिंग

घृष्णेश्वर – 12वाँ ज्योतिर्लिंग

महाराष्ट्र के एलोरा के पास स्थित। 12 ज्योतिर्लिंगों में अंतिम। घुष्मा नाम की महिला की भक्ति से प्रकट हुए।

घुष्मा की कथा

देवगिरि पर्वत के पास सुधर्मा नाम के ब्राह्मण की दो पत्नियाँ थीं। पहली सुदेहा निःसंतान थी, दूसरी घुष्मा के पुत्र था। ईर्ष्या से सुदेहा ने घुष्मा के पुत्र को मार दिया।

घुष्मा हर दिन 101 शिवलिंग बनाकर पूजती थीं। पुत्र की मृत्यु पर भी पूजा नहीं छोड़ी। शिव प्रसन्न होकर प्रकट हुए, पुत्र को जीवित किया और घृष्णेश्वर रूप में यहाँ स्थापित हो गए।

मंदिर की विशेषताएं

एलोरा गुफाओं के पास

घृष्णेश्वर मंदिर विश्व प्रसिद्ध एलोरा गुफाओं से केवल 1 किमी दूर है। एलोरा की 34 गुफाओं में से कैलाश मंदिर (गुफा 16) एक ही चट्टान से काटकर बनाया गया विशाल शिव मंदिर है।

दर्शन समय

कैसे पहुँचें?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आपके प्रश्न

॥ ॐ ॥
घृष्णेश्वर और एलोरा गुफाओं की दूरी कितनी है?
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग एलोरा गुफाओं से केवल 1 किमी की दूरी पर है। दोनों को एक ही यात्रा में देखा जा सकता है। एलोरा गुफा नं. 16 (कैलाश मंदिर) विशेष रूप से शिव को समर्पित है।
घृष्णेश्वर मंदिर में प्रवेश के क्या नियम हैं?
गर्भगृह में प्रवेश के लिए पुरुषों को धोती (ऊपरी वस्त्र निकालकर) पहननी होती है। महिलाओं को साड़ी में प्रवेश मिलता है। फोटोग्राफी मंदिर के अंदर वर्जित है।