विघ्नहर्ता, बुद्धि-विवेक के दाता। हर शुभ कार्य की शुरुआत गणेश से।
शिव-पार्वती के पुत्र। गज (हाथी) का मुख। एकदंत। बड़ा पेट (ब्रह्मांड का प्रतीक)। वाहन मूषक (चूहा)।
पार्वती ने उबटन से बालक बनाया, प्राण दिए। शिव ने क्रोध में सिर काट दिया। बाद में हाथी का सिर लगाया – तभी से गजमुख।
गणेश-कार्तिकेय में प्रतियोगिता – पूरी सृष्टि की परिक्रमा। गणेश ने शिव-पार्वती की परिक्रमा की – "आप ही मेरी सृष्टि।" प्रसन्न शिव ने वर दिया – "हर शुभ कार्य से पहले तुम्हारी पूजा होगी।"
12 नाम – सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्ण, लंबोदर, विकट, विघ्ननाशन, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचन्द्र, गजानन।