नवरात्रि के 9 दिन माँ दुर्गा के 9 अलग रूप पूजे जाते हैं।
पर्वतराज हिमालय की पुत्री। वृषभ वाहन, त्रिशूल और कमल। नवरात्रि के पहले दिन पूजा।
तपस्विनी। सफेद वस्त्र, हाथ में कमंडल और माला। ब्रह्मचर्य और तप की देवी।
मस्तक पर अर्धचंद्र घंटे के आकार का। 10 हाथ, शेर पर विराजित। युद्ध की देवी।
सृष्टि रचयित्री। 8 हाथों में विभिन्न आयुध। कुम्हड़े का भोग।
कार्तिकेय (स्कंद) की माँ। 4 हाथ, बालक स्कंद को गोद में।
ऋषि कात्यायन की तपस्या से प्रकट। 4 हाथ, महिषासुर मर्दिनी का रूप।
काल का नाश करने वाली। भयंकर रूप, 4 हाथ। अर्धरात्रि में विशेष पूज्य।
गौर वर्ण, 8 वर्षीया रूप में। शिव के तप से पार्वती का यह रूप। वृषभ वाहन।
सिद्धियों को देने वाली। कमल पर विराजित। 4 हाथों में आयुध।